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तुम्हारी मुस्कान तले

तुम्हारी मुस्कान तले जिंदगी का हर लम्हा गुजारना चाहता हूं एक भरोसा दो तुम उम्र भर साथ दोगी छोटी-छोटी बातों में रूठ जाने की आदत है क्या बतलाए आजकल उसे रोज बनाना पड़ता है  भागता रहा इधर से उधर जिंदगी का सुकून पाने को भागते-भागते थक गया ठहरकर अच्छी जिंदगी जीने का मौका मिला है
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जिंदगी के रूख में ऐसा परिवर्तन हुआ

जिंदगी के रुख में ऐसा परिवर्तन हुआ जो ख्वाबों में कभी सोचा न था उसके जख्मों पर मरहम लगाना जरूरी था क्योंकि उसके हर तकलीफ का जिम्मेदार मैं हूं मेरे ख्वाब टूट जाते हैं क्योंकि तुम अपने बातों को भूल जाती हो  उसकी आंखों की मस्तियों में अपना प्यार ढूंढता हूं