जिंदगी के रुख में ऐसा परिवर्तन हुआ जो ख्वाबों में कभी सोचा न था
उसके जख्मों पर मरहम लगाना जरूरी था क्योंकि उसके हर तकलीफ का जिम्मेदार मैं हूं
मेरे ख्वाब टूट जाते हैं क्योंकि तुम अपने बातों को भूल जाती हो
उसकी आंखों की मस्तियों में अपना प्यार ढूंढता हूं
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