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तुम्हारी मुस्कान तले

तुम्हारी मुस्कान तले जिंदगी का हर लम्हा गुजारना चाहता हूं एक भरोसा दो तुम उम्र भर साथ दोगी

छोटी-छोटी बातों में रूठ जाने की आदत है क्या बतलाए आजकल उसे रोज बनाना पड़ता है 


Shayari sangrah Gorakhpur



भागता रहा इधर से उधर जिंदगी का सुकून पाने को भागते-भागते थक गया ठहरकर अच्छी जिंदगी जीने का मौका मिला है

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